Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.174.16-17h: और उस समय अत्यन्त संतुष्ट होकर राजा विश्वामित्र ने ऋषि से कहा - 'ब्राह्मण! आप मुझे यह नन्दिनी दे दीजिए, या तो दस करोड़ गौएँ दे दीजिए या मेरा सम्पूर्ण राज्य दे दीजिए। महामुनि! आप इसे देकर राज्य का उपभोग कीजिए।'॥16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.174: वसिष्ठजीके अद्भुत क्षमा-बलके आगे विश्वामित्रजीका पराभव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब्रवीच्च भृशं तुष्ट: स राजा तमृषिं तदा।
अर्बुदेन गवां ब्रह्मन् मम राज्येन वा पुन:॥ १६॥
नन्दिनीं सम्प्रयच्छस्व भुङ्क्ष्व राज्यं महामुने।
अनुवाद
और उस समय अत्यन्त संतुष्ट होकर राजा विश्वामित्र ने ऋषि से कहा - 'ब्राह्मण! आप मुझे यह नन्दिनी दे दीजिए, या तो दस करोड़ गौएँ दे दीजिए या मेरा सम्पूर्ण राज्य दे दीजिए। महामुनि! आप इसे देकर राज्य का उपभोग कीजिए।'॥16 1/2॥
And being very satisfied, king Vishwamitra said to the sage at that time - 'Brahmin! You can give me this Nandini, either ten crore cows or my entire kingdom. Great sage! Give her away and enjoy the kingdom.'॥ 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥