Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.174.14: उसकी आँखें मेंढक जैसी थीं। उसका शरीर बहुत सुंदर था। उसके चारों स्तन बड़े और फैले हुए थे। वह प्रशंसा के योग्य थी। अपनी सुंदर पूँछ, नुकीले कानों और प्यारे सींगों के कारण वह बहुत आकर्षक लग रही थी। | mahabharat अध्याय 1.174: वसिष्ठजीके अद्भुत क्षमा-बलके आगे विश्वामित्रजीका पराभव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसकी आँखें मेंढक जैसी थीं। उसका शरीर बहुत सुंदर था। उसके चारों स्तन बड़े और फैले हुए थे। वह प्रशंसा के योग्य थी। अपनी सुंदर पूँछ, नुकीले कानों और प्यारे सींगों के कारण वह बहुत आकर्षक लग रही थी।
Her eyes were like those of a frog. Her figure was very beautiful. Her four teats were big and spread out. She was worthy of praise. She looked very charming because of her beautiful tail, pointed ears and lovely horns.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥