Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.173.14: हे पार्थ! पृथ्वी पर विजय प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले श्रेष्ठ क्षत्रिय को चाहिए कि वह अपने राज्य के विस्तार के लिए पहले एक पुरोहित (श्रेष्ठ ब्राह्मण) को नियुक्त करे।॥14॥   |   mahabharat अध्याय 1.173: गन्धर्वका वसिष्ठजीकी महत्ता बताते हुए किसी श्रेष्ठ ब्राह्मणको पुरोहित बनानेके लिये आग्रह करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 173: गन्धर्वका वसिष्ठजीकी महत्ता बताते हुए किसी श्रेष्ठ ब्राह्मणको पुरोहित बनानेके लिये आग्रह करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.173.14 
क्षत्रियेणाभिजातेन पृथिवीं जेतुमिच्छता।
पूर्वं पुरोहित: कार्य: पार्थ राज्याभिवृद्धये॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे पार्थ! पृथ्वी पर विजय प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले श्रेष्ठ क्षत्रिय को चाहिए कि वह अपने राज्य के विस्तार के लिए पहले एक पुरोहित (श्रेष्ठ ब्राह्मण) को नियुक्त करे।॥14॥
 
O Partha, a noble Kshatriya who wishes to conquer the earth should first appoint a priest (a noble Brahmin) for the expansion of his kingdom. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)