Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.172.9: राजा का मुकुट गिरने पर भी नहीं टूटा (इससे यह संकेत मिलता था कि युद्ध में राजा को कोई चोट नहीं आई थी)। मंत्री ने राजा के सिर पर कमल की सुगंध मिला ठंडा जल छिड़का। | mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वारिणा च सुशीतेन शिरस्तस्याभ्यषेचयत्।
अस्फुटन्मुकुटं राज्ञ: पुण्डरीकसुगन्धिना॥ ९॥
अनुवाद
राजा का मुकुट गिरने पर भी नहीं टूटा (इससे यह संकेत मिलता था कि युद्ध में राजा को कोई चोट नहीं आई थी)। मंत्री ने राजा के सिर पर कमल की सुगंध मिला ठंडा जल छिड़का।
The king's crown did not break when it fell (this indicated that the king was not injured in the war). The minister sprinkled cold water mixed with the fragrance of lotus on the king's head.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥