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mahabharat 1.172.48: तत्पश्चात् महाराज संवरण ने तपती के साथ, शची के साथ इन्द्र के समान सुशोभित होकर बारह वर्षों तक यज्ञ किया।   |   mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  1.172.48 
ततो द्वादश वर्षाणि पुनरीजे नराधिप:।
तपत्या सहित: पत्न्या यथा शच्या मरुत्पति:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाराज संवरण ने तपती के साथ, शची के साथ इन्द्र के समान सुशोभित होकर बारह वर्षों तक यज्ञ किया।
 
Thereafter Maharaja Samvarana along with Tapati, adorned like Indra along with Shachi, performed yajna for twelve years. 48.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)