श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 171: तपती और संवरणकी बातचीत  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.171.2 
तस्मिन् निपतिते भूमावथ सा चारुहासिनी।
पुन: पीनायतश्रोणी दर्शयामास तं नृपम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जब वे इस प्रकार मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े, तब विशाल एवं स्थूल श्रोणि वाली तपती मंद-मंद मुस्कुराती हुई राजा संवरण के सामने उपस्थित हुई॥2॥
 
When he fell on the ground in this manner, unconscious, Tapati, who had a huge and thick pelvic region, smiling softly, presented herself before King Samvarana.॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)