Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.171.11: भीरु! तुम्हारे शरीर के सभी अंग सुंदर और अवर्णनीय सौंदर्य से सुशोभित हैं। तुम्हारा मुख कमल और चंद्रमा के समान सुंदर है। मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगा। | mahabharat अध्याय 1.171: तपती और संवरणकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चारुसर्वानवद्याङ्गि पद्मेन्दुप्रतिमानने।
न ह्यहं त्वदृते भीरु शक्ष्यामि खलु जीवितुम्॥ ११॥
अनुवाद
भीरु! तुम्हारे शरीर के सभी अंग सुंदर और अवर्णनीय सौंदर्य से सुशोभित हैं। तुम्हारा मुख कमल और चंद्रमा के समान सुंदर है। मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगा।
'Bhiru! All your body parts are beautiful and adorned with indescribable beauty. Your face is beautiful like a lotus and the moon. I will not be able to live without you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥