Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.170.6-7: ये जो आकाश में उदित हुए हैं और अपने प्रकाश-मण्डल द्वारा यहाँ से स्वर्ग तक फैल रहे हैं, इन भगवान सूर्य की तपती नाम की एक पुत्री थी, जो अपने पिता के समान थी। हे प्रभु! यह सावित्री देवी की छोटी बहन थी। तपस्या में तल्लीन होने के कारण यह तीनों लोकों में तपती नाम से विख्यात हुई। | mahabharat अध्याय 1.170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये जो आकाश में उदित हुए हैं और अपने प्रकाश-मण्डल द्वारा यहाँ से स्वर्ग तक फैल रहे हैं, इन भगवान सूर्य की तपती नाम की एक पुत्री थी, जो अपने पिता के समान थी। हे प्रभु! यह सावित्री देवी की छोटी बहन थी। तपस्या में तल्लीन होने के कारण यह तीनों लोकों में तपती नाम से विख्यात हुई।
These who have risen in the sky and are spreading from here to heaven through their sphere of light, these Lord Surya had a daughter named Tapati, who was similar to her father. Lord! She was the younger sister of Savitri Devi. She became famous by the name Tapati in all three worlds due to her involvement in penance. 6-7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥