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mahabharat 1.170.42: राजा संवरण पागलों की तरह बड़बड़ाते रहे और बड़ी-बड़ी आंखों वाली सुंदर स्त्री बादलों में बिजली की तरह उनके सामने से गायब हो गई।   |   mahabharat अध्याय 1.170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  1.170.42 
ततो लालप्यमानस्य पार्थिवस्यायतेक्षणा।
सौदामिनीव चाभ्रेषु तत्रैवान्तरधीयत॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
राजा संवरण पागलों की तरह बड़बड़ाते रहे और बड़ी-बड़ी आंखों वाली सुंदर स्त्री बादलों में बिजली की तरह उनके सामने से गायब हो गई।
 
King Samvarana continued raving like a madman and the large-eyed beautiful lady disappeared right there in front of him like lightning in the clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)