Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.170.41: इस प्रकार राजा संवरण ने उस सुन्दरी से बहुत सी बातें कहीं; परन्तु उस समय उस निर्जन वन में उस कामातुर राजा को उसने कोई उत्तर नहीं दिया ॥41॥ | mahabharat अध्याय 1.170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं तां स महीपालो बभाषे न तु सा तदा।
कामार्तं निर्जनेऽरण्ये प्रत्यभाषत किंचन॥ ४१॥
अनुवाद
इस प्रकार राजा संवरण ने उस सुन्दरी से बहुत सी बातें कहीं; परन्तु उस समय उस निर्जन वन में उस कामातुर राजा को उसने कोई उत्तर नहीं दिया ॥41॥
In this manner King Samvarana spoke many things to that beautiful lady; but at that time in that lonely forest she did not give any reply to that lust-stricken king. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥