Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.170.4: गन्धर्व ने कहा - हे ज्ञानियों में श्रेष्ठ कुन्तीपुत्र! इस विषय में एक बड़ी रोचक कथा है, जो मैं तुम्हें पूर्णतः सत्य रूप में सुनाता हूँ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.170.4 
गन्धर्व उवाच
हन्त ते कथयिष्यामि कथामेतां मनोरमाम्।
यथावदखिलां पार्थ सर्वबुद्धिमतां वर॥ ४॥
 
 
अनुवाद
गन्धर्व ने कहा - हे ज्ञानियों में श्रेष्ठ कुन्तीपुत्र! इस विषय में एक बड़ी रोचक कथा है, जो मैं तुम्हें पूर्णतः सत्य रूप में सुनाता हूँ॥4॥
 
The Gandharva said - O son of Kunti, the best among all wise men! There is a very interesting story in this regard, which I will narrate to you in full and true form. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)