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mahabharat 1.170.29: उसे देखकर संसार की सभी सुन्दर स्त्रियाँ राजा संवरण के प्रति अनादर से भर गईं। राजा को विश्वास होने लगा कि आज उसे अपनी आँखों का पुरस्कार मिल गया है।   |   mahabharat अध्याय 1.170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.170.29 
अवमेने च तां दृष्ट्वा सर्वलोकेषु योषित:।
अवाप्तं चात्मनो मेने स राजा चक्षुष: फलम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उसे देखकर संसार की सभी सुन्दर स्त्रियाँ राजा संवरण के प्रति अनादर से भर गईं। राजा को विश्वास होने लगा कि आज उसे अपनी आँखों का पुरस्कार मिल गया है।
 
On seeing her, all the beautiful women of the world became disrespectful towards King Samvaran. The king began to believe that today he had got the reward of his eyes. 29.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)