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mahabharat 1.170.21: हे कुन्तीपुत्र! एक दिन महाबली राजा संवरण पर्वत के निकट उद्यान में जंगली पशुओं का शिकार कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 1.170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 170: सूर्यकन्या तपतीको देखकर राजा संवरणका मोहित होना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.170.21 
स कदाचिदथो राजा श्रीमानमितविक्रम:।
चचार मृगयां पार्थ पर्वतोपवने किल॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे कुन्तीपुत्र! एक दिन महाबली राजा संवरण पर्वत के निकट उद्यान में जंगली पशुओं का शिकार कर रहे थे।
 
O son of Kunti! One day, the mighty king was hunting wild animals in the garden near the Samvarana mountain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)