Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.17.9-12: उसके शुभ और सर्वोच्च शिखर असंख्य चमकते हुए रत्नों से आच्छादित हैं। अपनी विशालता के कारण वे आकाश के समान अनन्त प्रतीत होते हैं। सभी महाबली देवता मेरु पर्वत के उस महान शिखर पर चढ़कर एक स्थान पर बैठ गए और मिलकर अमृत प्राप्ति के उपाय पर विचार करने लगे। वे सभी तपस्वी थे और शौच, संतोष आदि नियमों से बंधे हुए थे। देवताओं के समूह में उपस्थित होकर सबके साथ परस्पर विचार-विमर्श और परामर्श करते हुए भगवान नारायण ने ब्रह्माजी से इस प्रकार कहा - 'सभी देवता और दानव मिलकर समुद्र का मंथन करें। जब उस समुद्र का मंथन आरम्भ होगा, तब उसमें से अमृत निकलेगा।॥ 9-12॥ | mahabharat अध्याय 1.17: मेरुपर्वतपर अमृतके लिये विचार करनेवाले देवताओंको भगवान् नारायणका समुद्रमन्थनके लिये आदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके शुभ और सर्वोच्च शिखर असंख्य चमकते हुए रत्नों से आच्छादित हैं। अपनी विशालता के कारण वे आकाश के समान अनन्त प्रतीत होते हैं। सभी महाबली देवता मेरु पर्वत के उस महान शिखर पर चढ़कर एक स्थान पर बैठ गए और मिलकर अमृत प्राप्ति के उपाय पर विचार करने लगे। वे सभी तपस्वी थे और शौच, संतोष आदि नियमों से बंधे हुए थे। देवताओं के समूह में उपस्थित होकर सबके साथ परस्पर विचार-विमर्श और परामर्श करते हुए भगवान नारायण ने ब्रह्माजी से इस प्रकार कहा - 'सभी देवता और दानव मिलकर समुद्र का मंथन करें। जब उस समुद्र का मंथन आरम्भ होगा, तब उसमें से अमृत निकलेगा।॥ 9-12॥
Its auspicious and highest peaks are covered with innumerable shining gems. Due to their vastness, they appear as endless as the sky. All the mighty gods climbed that great peak of Mount Meru and sat down at one place and together began to think about the method to be adopted for obtaining Amrit. All of them were ascetics and bound by rules like cleanliness and satisfaction etc. Being present in the group of gods engaged in mutual discussions and consultations with everyone, Lord Narayana said to Brahmaji thus - 'All the gods and demons should churn the ocean together. When the churning of that ocean begins, Amrit will emerge from it.॥ 9-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥