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mahabharat 1.17.13: हे देवताओं! समस्त औषधियाँ और फिर समस्त रत्न प्राप्त होने पर भी समुद्र मंथन करते रहो। ऐसा करने से तुम्हें अंत में अवश्य ही अमृत प्राप्त होगा।॥13॥   |   mahabharat अध्याय 1.17: मेरुपर्वतपर अमृतके लिये विचार करनेवाले देवताओंको भगवान् नारायणका समुद्रमन्थनके लिये आदेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 17: मेरुपर्वतपर अमृतके लिये विचार करनेवाले देवताओंको भगवान् नारायणका समुद्रमन्थनके लिये आदेश  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.17.13 
सर्वौषधी: समावाप्य सर्वरत्नानि चैव ह।
मन्थध्वमुदधिं देवा वेत्स्यध्वममृतं तत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे देवताओं! समस्त औषधियाँ और फिर समस्त रत्न प्राप्त होने पर भी समुद्र मंथन करते रहो। ऐसा करने से तुम्हें अंत में अवश्य ही अमृत प्राप्त होगा।॥13॥
 
‘O Gods! Continue churning the ocean even after getting all the medicines and then all the gems. By doing this you will definitely get Amrit (nectar) in the end.'॥ 13॥
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि अमृतमन्थने सप्तदशोऽध्याय:॥ १७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें अमृतमन्थनविषयक सत्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)