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श्लोक  1.169.79 
न हि केवलशौर्येण तापत्याभिजनेन च।
जयेदब्राह्मण: कश्चिद् भूमिं भूमिपति: क्वचित्॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
हे तपनन्दन! कोई भी राजा, पुरोहित की सहायता के बिना, केवल अपने बल या कुलीनता के आधार पर किसी भी देश पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता। 79.
 
O Tapatinandan! No king anywhere can conquer any land relying solely on his strength or nobility without the help of a priest. 79.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)