Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.73: परन्तु हे कुन्तीपुत्र! यदि कोई मनुष्य काम से ग्रस्त हो, तो भी यदि वह अपने आगे ब्राह्मण को चलाए, तो वह समस्त निशाचर प्राणियों पर विजय प्राप्त कर सकता है, क्योंकि उस स्थिति में उसका सम्पूर्ण भार पुरोहित पर ही रहता है। | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्तु स्यात् कामवृत्तोऽपि पार्थ ब्र्रह्मपुरस्कृत:।
जयेन्नक्तंचरान् सर्वान् स पुरोहितधूर्गत:॥ ७३॥
अनुवाद
परन्तु हे कुन्तीपुत्र! यदि कोई मनुष्य काम से ग्रस्त हो, तो भी यदि वह अपने आगे ब्राह्मण को चलाए, तो वह समस्त निशाचर प्राणियों पर विजय प्राप्त कर सकता है, क्योंकि उस स्थिति में उसका सम्पूर्ण भार पुरोहित पर ही रहता है।
But, O son of Kunti! Even if a man is possessed by lust, if he leads a Brahmin ahead of him, he can conquer all the night creatures, because in that condition, his entire burden rests on the priest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥