Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.64: अर्जुन! मैं भारद्वाजपुत्र द्रोणाचार्य को भली-भाँति जानता हूँ, जो तीनों लोकों में विख्यात और यशस्वी हैं तथा जो तुम्हारे वेद और धनुर्वेद के गुरु रहे हैं॥64॥ | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन! मैं भारद्वाजपुत्र द्रोणाचार्य को भली-भाँति जानता हूँ, जो तीनों लोकों में विख्यात और यशस्वी हैं तथा जो तुम्हारे वेद और धनुर्वेद के गुरु रहे हैं॥64॥
Arjun! I know very well about Drona, the son of Bharadvaja, who is renowned and famous in all the three worlds and who has been your teacher of Vedas and Dhanurveda. ॥ 64॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥