Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.56: गंधर्व ने कहा, "ऐसा देखा गया है कि महापुरुषों की संगति से प्रेम बढ़ता है। आपने मुझे जीवन दिया है, इससे मैं प्रसन्न हूँ और आपको दृष्टि का ज्ञान देता हूँ।" | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गंधर्व ने कहा, "ऐसा देखा गया है कि महापुरुषों की संगति से प्रेम बढ़ता है। आपने मुझे जीवन दिया है, इससे मैं प्रसन्न हूँ और आपको दृष्टि का ज्ञान देता हूँ।"
The Gandharva said, "It has been observed that the company of great men increases love. You have given me life, and I am pleased with this and I gift you the knowledge of sight." 56.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥