श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  1.169.54 
कामवर्णा: कामजवा: कामत: समुपस्थिता:।
इति गन्धर्वजा: कामं पूरयिष्यन्ति मे हया:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
गंधर्व देश के घोड़ों की विशेषता यह है कि वे इच्छानुसार अपना रंग बदलते हैं। सवार की इच्छानुसार वे अपनी गति बढ़ा या घटा सकते हैं। आवश्यकता या इच्छा होने पर ही वे प्रकट होते हैं। इस प्रकार गंधर्व देश के मेरे घोड़े आपकी इच्छाएँ पूरी करते रहेंगे ॥ 54॥
 
The specialty of the horses of Gandharva country is that they change their colour as per the wish. They can increase or decrease their speed as per the rider's wish. They appear only when there is a need or desire. In this way my horses from Gandharva country will keep fulfilling your wishes. ॥ 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)