Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.46: इस ज्ञान को केवल वही प्राप्त कर सकता है जो छः महीने तक एक पैर पर खड़ा रहकर तप करता है। परन्तु मैं स्वयं तुम्हें इस व्रत या तप के बिना ही यह ज्ञान प्राप्त करा दूँगा॥ 46॥ | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस ज्ञान को केवल वही प्राप्त कर सकता है जो छः महीने तक एक पैर पर खड़ा रहकर तप करता है। परन्तु मैं स्वयं तुम्हें इस व्रत या तप के बिना ही यह ज्ञान प्राप्त करा दूँगा॥ 46॥
Only he who does penance by standing on one leg for six months can attain this knowledge. But I myself will make you attain this knowledge without you observing this fast or doing penance.॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥