Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.41: आज मैं यहाँ पूर्वकाल में तपस्या करके जो ज्ञान प्राप्त किया है, उसे अपने उस महान् मित्र को अर्पित करूँगा, जो मेरे जीवन का जीवनदाता है ॥ 41॥ | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आज मैं यहाँ पूर्वकाल में तपस्या करके जो ज्ञान प्राप्त किया है, उसे अपने उस महान् मित्र को अर्पित करूँगा, जो मेरे जीवन का जीवनदाता है ॥ 41॥
Today, I shall offer the knowledge which I have acquired through austerities here in the past to my great friend, who is the life-giver of my life. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥