Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.40: मेरा यह अद्वितीय एवं उत्कृष्ट रथ उनके दिव्यास्त्र की अग्नि से भस्म हो गया है। पहले मैं अपने अद्वितीय रथ के कारण 'चित्ररथ' नाम से प्रसिद्ध था; किन्तु अब मेरा नाम 'दग्धरथ' हो गया है। | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरा यह अद्वितीय एवं उत्कृष्ट रथ उनके दिव्यास्त्र की अग्नि से भस्म हो गया है। पहले मैं अपने अद्वितीय रथ के कारण 'चित्ररथ' नाम से प्रसिद्ध था; किन्तु अब मेरा नाम 'दग्धरथ' हो गया है।
This unique and excellent chariot of mine has been burnt by the fire of his divine weapon. Earlier I was known as 'Chitrarath' due to my unique chariot; but now my name has become 'Dagdharath'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥