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mahabharat 1.169.37: अर्जुन ने कहा- गंधर्व! अपने प्राणों को धारण करो। जाओ, अब शोक मत करो। इस समय कुरुराज युधिष्ठिर तुम्हें सुरक्षित मार्ग दे रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.169.37 
अर्जुन उवाच
जीवितं प्रतिपद्यस्व गच्छ गन्धर्व मा शुच:।
प्रदिशत्यभयं तेऽद्य कुरुराजो युधिष्ठिर:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने कहा- गंधर्व! अपने प्राणों को धारण करो। जाओ, अब शोक मत करो। इस समय कुरुराज युधिष्ठिर तुम्हें सुरक्षित मार्ग दे रहे हैं।
 
Arjun said- Gandharva! Embrace your life. Go, don't grieve now. At this time Kuru King Yudhishthira is giving you a safe passage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)