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mahabharat 1.169.29: गंधर्व! यह आग्नेयास्त्र प्राचीन काल में इंद्र के पूज्य गुरु बृहस्पतिजी ने भारद्वाज ऋषि को दिया था ॥29॥   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.169.29 
पुरास्त्रमिदमाग्नेयं प्रादात् किल बृहस्पति:।
भरद्वाजाय गन्धर्व गुरुर्मान्य: शतक्रतो:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
गंधर्व! यह आग्नेयास्त्र प्राचीन काल में इंद्र के पूज्य गुरु बृहस्पतिजी ने भारद्वाज ऋषि को दिया था ॥29॥
 
Gandharva! This firearm was given to sage Bhardwaj by Indra's respected guru Brihaspatiji in ancient times. 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)