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mahabharat 1.169.28: गंधर्व! मैं जानता हूँ कि सभी गंधर्व मनुष्यों से अधिक शक्तिशाली हैं, इसीलिए मैं तुम्हारे साथ माया से नहीं, अपितु दिव्यास्त्रों से युद्ध करूँगा॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.169.28 
मानुषानतिगन्धर्वान् सर्वान् गन्धर्व लक्षये।
तस्मादस्त्रेण दिव्येन योत्स्येऽहं न तु मायया॥ २८॥
 
 
अनुवाद
गंधर्व! मैं जानता हूँ कि सभी गंधर्व मनुष्यों से अधिक शक्तिशाली हैं, इसीलिए मैं तुम्हारे साथ माया से नहीं, अपितु दिव्यास्त्रों से युद्ध करूँगा॥ 28॥
 
Gandharva! I know that all Gandharvas are more powerful than humans, that is why I will fight you not with Maya but with divine weapons.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)