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mahabharat 1.169.27: अर्जुन ने कहा- गन्धर्व! शस्त्रविद्या में निपुण लोगों पर आपकी फटकार काम नहीं करेगी। शस्त्रविद्या में निपुण लोगों पर फैली आपकी माया झाग के समान लुप्त हो जाएगी॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.169.27 
अर्जुन उवाच
बिभीषिका वै गन्धर्व नास्त्रज्ञेषु प्रयुज्यते।
अस्त्रज्ञेषु प्रयुक्तेयं फेनवत् प्रविलीयते॥ २७॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने कहा- गन्धर्व! शस्त्रविद्या में निपुण लोगों पर आपकी फटकार काम नहीं करेगी। शस्त्रविद्या में निपुण लोगों पर फैली आपकी माया झाग के समान लुप्त हो जाएगी॥ 27॥
 
Arjun said- Gandharva! Your rebuke will not work on those who are experts in the art of weapons. Your illusion spread on those who are experts in the art of weapons will vanish like foam.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)