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mahabharat 1.169.18: हे क्रूर! हम बड़े बलवान हैं। हम बुरे समय में भी आकर तुम्हें कुचल सकते हैं। केवल वे दुर्बल लोग ही तुम्हारी पूजा करते हैं जो युद्ध करने में असमर्थ हैं।॥18॥   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.169.18 
वयं च शक्तिसम्पन्ना अकाले त्वामधृष्णुम।
अशक्ता हि रणे क्रूर युष्मानर्चन्ति मानवा:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे क्रूर! हम बड़े बलवान हैं। हम बुरे समय में भी आकर तुम्हें कुचल सकते हैं। केवल वे दुर्बल लोग ही तुम्हारी पूजा करते हैं जो युद्ध करने में असमर्थ हैं।॥18॥
 
Hey, you cruel one! We are very powerful. We can come and crush you even at the wrong time. Only those weak people who are incapable of fighting, worship you.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)