Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.169.16: अर्जुन बोले - हे दुष्ट! समुद्र, हिमालय की तलहटी और गंगा के तट पर रात्रि, दिन या संध्या के समय किसका अधिकार सुरक्षित है?॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.169.16 
अर्जुन उवाच
समुद्रे हिमवत्पार्श्वे नद्यामस्यां च दुर्मते।
रात्रावहनि संध्यायां कस्य गुप्त: परिग्रह:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन बोले - हे दुष्ट! समुद्र, हिमालय की तलहटी और गंगा के तट पर रात्रि, दिन या संध्या के समय किसका अधिकार सुरक्षित है?॥16॥
 
Arjuna said, 'O wicked one! Whose right is reserved during the night, day or evening on the sea, the foothills of the Himalayas and the banks of the Ganges?'॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)