Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.169.12-13: 'हे मनुष्यों! दूर खड़े हो जाओ। मेरे पास मत आओ। तुम लोगों को यह कैसे पता नहीं चला कि मैं गंधर्वराज गंगाजल में उतरा हूँ। तुम सब मुझे (अच्छी तरह) पहचान लो, मैं स्वाभिमानी, अपने बल पर निर्भर रहने वाला, ईर्ष्यालु और कुबेर का प्रिय मित्र हूँ।॥12-13॥ | mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'हे मनुष्यों! दूर खड़े हो जाओ। मेरे पास मत आओ। तुम लोगों को यह कैसे पता नहीं चला कि मैं गंधर्वराज गंगाजल में उतरा हूँ। तुम सब मुझे (अच्छी तरह) पहचान लो, मैं स्वाभिमानी, अपने बल पर निर्भर रहने वाला, ईर्ष्यालु और कुबेर का प्रिय मित्र हूँ।॥12-13॥
'Hey, O humans! Stand far away. Do not come near me. How come you did not know that I, the Gandharva king, have descended into the waters of the Ganga. You all should know me (well), I am a self-respecting person who relies on his own strength, jealous and a dear friend of Kubera.॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥