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mahabharat 1.169.11: इसीलिए वेदों के ज्ञाता रात्रि में जल में प्रवेश करने वाले सभी मनुष्यों और शक्तिशाली राजाओं की भी निंदा करते हैं॥ 11॥   |   mahabharat अध्याय 1.169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवोंकी पंचाल-यात्रा और अर्जुनके द्वारा चित्ररथ गन्धर्वकी पराजय एवं उन दोनोंकी मित्रता  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.169.11 
अतो रात्रौ प्राप्नुवन्तो जलं ब्रह्मविदो जना:।
गर्हयन्ति नरान् सर्वान् बलस्थान् नृपतीनपि॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इसीलिए वेदों के ज्ञाता रात्रि में जल में प्रवेश करने वाले सभी मनुष्यों और शक्तिशाली राजाओं की भी निंदा करते हैं॥ 11॥
 
‘That is why the knowers of the Vedas criticise all men and even powerful kings who enter water at night.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)