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mahabharat 1.168.8: तब वह अपने पति के लिए दुःखी होकर तपस्या करने लगी और कहा जाता है कि घोर तपस्या करके उसने भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया ॥8॥   |   mahabharat अध्याय 1.168: व्यासजीका पाण्डवोंको द्रौपदीके पूर्वजन्मका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 168: व्यासजीका पाण्डवोंको द्रौपदीके पूर्वजन्मका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.168.8 
ततस्तप्तुमथारेभे पत्यर्थमसुखा तत:।
तोषयामास तपसा सा किलोग्रेण शंकरम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तब वह अपने पति के लिए दुःखी होकर तपस्या करने लगी और कहा जाता है कि घोर तपस्या करके उसने भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया ॥8॥
 
Then, feeling sad for her husband, she began to perform penance and it is said that by doing intense penance she pleased Lord Shiva. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)