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mahabharat 1.168.15: राजा पृष्ट की पौत्री, वह पतिव्रता और गुणवती कृष्णा तुम्हारी पत्नी के रूप में नियुक्त हुई है; अतः हे वीरों! अब तुम पांचाल नगर में जाकर रहो। इसमें कोई संदेह नहीं कि द्रौपदी को पाकर तुम सब सुखी होगे॥15॥   |   mahabharat अध्याय 1.168: व्यासजीका पाण्डवोंको द्रौपदीके पूर्वजन्मका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 168: व्यासजीका पाण्डवोंको द्रौपदीके पूर्वजन्मका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.168.15 
निर्दिष्टा भवतां पत्नी कृष्णा पार्षत्यनिन्दिता।
पाञ्चालनगरे तस्मान्निवसध्वं महाबला:।
सुखिनस्तामनुप्राप्य भविष्यथ न संशय:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
राजा पृष्ट की पौत्री, वह पतिव्रता और गुणवती कृष्णा तुम्हारी पत्नी के रूप में नियुक्त हुई है; अतः हे वीरों! अब तुम पांचाल नगर में जाकर रहो। इसमें कोई संदेह नहीं कि द्रौपदी को पाकर तुम सब सुखी होगे॥15॥
 
That chaste and virtuous Krishna, granddaughter of King Prishta, has been appointed as your wife; therefore, O mighty heroes! Now you go and live in Panchalnagar. There is no doubt that you all will be happy after getting Draupadi. ॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)