Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.166.46: वह ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो स्वयं देवी दुर्गा मानव रूप में प्रकट हुई हों। उसके शरीर से नीले कमल की सुगंध निकलकर एक मील तक फैल रही थी। | mahabharat अध्याय 1.166: द्रुपदके यज्ञसे धृष्टद्युम्न और द्रौपदीकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो स्वयं देवी दुर्गा मानव रूप में प्रकट हुई हों। उसके शरीर से नीले कमल की सुगंध निकलकर एक मील तक फैल रही थी।
She appeared as if Goddess Durga herself had appeared in human form. The fragrance of blue lotus emanated from her body and spread all around for a mile.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥