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mahabharat 1.166.45: उसके शरीर का रंग सांवला था। उसकी आँखें खिले हुए कमल की पंखुड़ियों जैसी थीं। उसके बाल काले और घुंघराले थे। उसके नाखून उभरे हुए और लाल रंग के थे। उसकी भौहें बहुत सुंदर थीं। उसके स्तन भरे हुए और मनमोहक थे। 45.   |   mahabharat अध्याय 1.166: द्रुपदके यज्ञसे धृष्टद्युम्न और द्रौपदीकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 166: द्रुपदके यज्ञसे धृष्टद्युम्न और द्रौपदीकी उत्पत्ति  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  1.166.45 
श्यामा पद्मपलाशाक्षी नीलकुञ्चितमूर्धजा।
ताम्रतुङ्गनखी सुभ्रूश्चारुपीनपयोधरा॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
उसके शरीर का रंग सांवला था। उसकी आँखें खिले हुए कमल की पंखुड़ियों जैसी थीं। उसके बाल काले और घुंघराले थे। उसके नाखून उभरे हुए और लाल रंग के थे। उसकी भौहें बहुत सुंदर थीं। उसके स्तन भरे हुए और मनमोहक थे। 45.
 
The complexion of her body was dark. Her eyes looked like petals of a blooming lotus. Her hair was black and curly. Her nails were prominent and red in colour. Her eyebrows were very beautiful. Her breasts were plump and lovely. 45.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)