Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.166.23: 'द्रोणाचार्य ब्रह्मज्ञानियों में श्रेष्ठ हैं और ब्रह्मास्त्र के प्रयोग में भी श्रेष्ठ हैं; इसलिए उन्होंने मुझे मित्र मानने या न मानने के विवाद में मुझे परास्त कर दिया॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 1.166: द्रुपदके यज्ञसे धृष्टद्युम्न और द्रौपदीकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि ब्रह्मविदां श्रेष्ठो ब्रह्मास्त्रे चाप्यनुत्तम:।
तस्माद् द्रोण: पराजैष्ट मां वै स सखिविग्रहे॥ २३॥
अनुवाद
'द्रोणाचार्य ब्रह्मज्ञानियों में श्रेष्ठ हैं और ब्रह्मास्त्र के प्रयोग में भी श्रेष्ठ हैं; इसलिए उन्होंने मुझे मित्र मानने या न मानने के विवाद में मुझे परास्त कर दिया॥ 23॥
'Dronacharya is the best among the knowers of Brahman and is also the best in the use of Brahmastra; therefore, he defeated me in the fight over whether to accept me as a friend or not.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥