Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.164.2: वैशम्पायनजी बोले - राजन ! बकासुर को मारकर पाण्डव उसी ब्राह्मण के घर में रहकर ब्रह्मतत्त्व का प्रतिपादन करने वाले उपनिषदों का अध्ययन करने लगे ॥2॥   |   mahabharat अध्याय 1.164: पाण्डवोंका एक ब्राह्मणसे विचित्र कथाएँ सुनना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 164: पाण्डवोंका एक ब्राह्मणसे विचित्र कथाएँ सुनना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.164.2 
वैशम्पायन उवाच
तत्रैव न्यवसन् राजन् निहत्य बकराक्षसम्।
अधीयाना: परं ब्रह्म ब्राह्मणस्य निवेशने॥ २॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी बोले - राजन ! बकासुर को मारकर पाण्डव उसी ब्राह्मण के घर में रहकर ब्रह्मतत्त्व का प्रतिपादन करने वाले उपनिषदों का अध्ययन करने लगे ॥2॥
 
Vaishampayanji said – King! After killing Bakasura, the Pandavas started living in the same Brahmin's house, studying the Upanishads that propound the principle of Brahma. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)