Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.164.11: हे ब्रह्मन्! धृष्टद्युम्न ने महाधनुर्धर द्रोण से समस्त अस्त्र-शस्त्र कैसे सीखे? द्रुपद और द्रोण में मित्रता कैसे हुई? और उनके वैर का कारण क्या था?॥11॥ | mahabharat अध्याय 1.164: पाण्डवोंका एक ब्राह्मणसे विचित्र कथाएँ सुनना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं द्रोणान्महेष्वासात् सर्वाण्यस्त्राण्यशिक्षत।
कथं विप्र सखायौ तौ भिन्नौ कस्य कृतेन वा॥ ११॥
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! धृष्टद्युम्न ने महाधनुर्धर द्रोण से समस्त अस्त्र-शस्त्र कैसे सीखे? द्रुपद और द्रोण में मित्रता कैसे हुई? और उनके वैर का कारण क्या था?॥11॥
How did Dhrishtadyumna learn all the weapons from the great archer Drona? O Brahman! How did friendship develop between Drupada and Drona? And what was the reason for their enmity?॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥