शूद्रं तु मोचयेद् राजा शरणार्थिनमागतम्।
प्राप्नोतीह कुले जन्म सद्द्रव्ये राजपूजिते॥ २५॥
अनुवाद
इसी प्रकार जो राजा अपने शरणागत शूद्र को प्राण संकट से बचाता है, वह इस लोक में उत्तम कुल में जन्म लेता है, धन-धान्य से संपन्न होता है और राजाओं द्वारा सम्मानित होता है ॥25॥
Similarly, the king who saves the Shudra who takes refuge in him from the danger of his life, is born in a noble family in this world, rich in wealth and respected by the kings. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥