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mahabharat 1.161.19: अतः पाण्डु नन्दन! मैंने अपनी बुद्धि से भीमसेन के बल को भली-भाँति समझकर ब्राह्मण के शत्रु राक्षस से बदला लेने का निश्चय किया है॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.161.19 
तदहं प्रज्ञया ज्ञात्वा बलं भीमस्य पाण्डव।
प्रतिकार्ये च विप्रस्य तत: कृतवती मतिम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
अतः पाण्डु नन्दन! मैंने अपनी बुद्धि से भीमसेन के बल को भली-भाँति समझकर ब्राह्मण के शत्रु राक्षस से बदला लेने का निश्चय किया है॥19॥
 
So Pandu Nandan! Having understood the power of Bhimsen well with my intelligence, I have decided to take revenge from the demon who was the enemy of the Brahmin. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)