Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.161.18: बहुत समय पहले की बात है, जब वह नवजात शिशु था, तब वह मेरी गोद से फिसलकर एक पर्वत की चोटी पर गिर पड़ा। जिस चट्टान पर वह गिरा, वह उसके शरीर के गुरुत्वाकर्षण के कारण चूर-चूर हो गई॥18॥ | mahabharat अध्याय 1.161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जातमात्र: पुरा चैव ममाङ्कात् पतितो गिरौ।
शरीरगौरवादस्य शिला गात्रैर्विचूर्णिता॥ १८॥
अनुवाद
बहुत समय पहले की बात है, जब वह नवजात शिशु था, तब वह मेरी गोद से फिसलकर एक पर्वत की चोटी पर गिर पड़ा। जिस चट्टान पर वह गिरा, वह उसके शरीर के गुरुत्वाकर्षण के कारण चूर-चूर हो गई॥18॥
It happened long ago, when he was a newborn baby, he slipped out of my lap and fell on the top of a mountain. The rock on which he fell was crushed to pieces due to the gravity of his body.॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥