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mahabharat 1.161.12: कुन्ती ने कहा- युधिष्ठिर! भीमसेन के विषय में आप चिन्ता न करें। मैंने जो निर्णय लिया है, वह दुर्बल मन से नहीं लिया है॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.161.12 
कुन्त्युवाच
युधिष्ठिर न संतापस्त्वया कार्यो वृकोदरे।
न चायं बुद्धिदौर्बल्याद् व्यवसाय: कृतो मया॥ १२॥
 
 
अनुवाद
कुन्ती ने कहा- युधिष्ठिर! भीमसेन के विषय में आप चिन्ता न करें। मैंने जो निर्णय लिया है, वह दुर्बल मन से नहीं लिया है॥12॥
 
Kunti said- Yudhishthira! You should not worry about Bhimasena. The decision I have taken is not out of weakness of mind.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)