Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.161.10-11: जिसके बल और पराक्रम से हमने धृतराष्ट्र के पुत्रों को मार डाला है और जिसके धन-धान्य से परिपूर्ण इस सम्पूर्ण पृथ्वी को अपने अधीन समझते हैं, उस बलवान पुत्र को त्यागने का आपने किस बुद्धि से निश्चय किया है? क्या अनेक दुःखों के कारण आपकी इन्द्रियाँ नष्ट हो गई हैं? क्या आपकी बुद्धि नष्ट हो गई है?॥10-11॥ | mahabharat अध्याय 1.161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिसके बल और पराक्रम से हमने धृतराष्ट्र के पुत्रों को मार डाला है और जिसके धन-धान्य से परिपूर्ण इस सम्पूर्ण पृथ्वी को अपने अधीन समझते हैं, उस बलवान पुत्र को त्यागने का आपने किस बुद्धि से निश्चय किया है? क्या अनेक दुःखों के कारण आपकी इन्द्रियाँ नष्ट हो गई हैं? क्या आपकी बुद्धि नष्ट हो गई है?॥10-11॥
With what wisdom have you decided to forsake that powerful son of yours, by whose might and valour we have killed the sons of Dhritarashtra and consider this entire earth, full of wealth and grains, to be under our control? Have you lost your senses due to the many sorrows? Have you lost your intelligence?॥10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥