Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.160.9-10: यदि मैंने जान-बूझकर किसी ब्राह्मण की हत्या की, तो यह अत्यन्त नीच एवं क्रूर कृत्य होगा। इससे मुक्ति पाने का मुझे कोई उपाय नहीं सूझ रहा। अपने घर आए हुए, शरणागत को त्याग देना तथा रक्षा की याचना करने वाले को मार डालना - यह विद्वानों की दृष्टि में अत्यन्त क्रूर एवं निन्दनीय कृत्य है। | mahabharat अध्याय 1.160: कुन्ती और ब्राह्मणकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि मैंने जान-बूझकर किसी ब्राह्मण की हत्या की, तो यह अत्यन्त नीच एवं क्रूर कृत्य होगा। इससे मुक्ति पाने का मुझे कोई उपाय नहीं सूझ रहा। अपने घर आए हुए, शरणागत को त्याग देना तथा रक्षा की याचना करने वाले को मार डालना - यह विद्वानों की दृष्टि में अत्यन्त क्रूर एवं निन्दनीय कृत्य है।
If I deliberately killed a Brahmin, it would be a very mean and cruel act. I cannot think of any way to get rid of it. Abandoning a person who has come to his home and is a refugee and killing someone who pleads for protection – this is a very cruel and condemnable act in the opinion of the learned. 9-10.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥