न त्वेतदकुलीनासु नाधर्मिष्ठासु विद्यते।
यद् ब्राह्मणार्थं विसृजेदात्मानमपि चात्मजम्॥ ५॥
अनुवाद
ऐसा निन्दनीय कार्य तो नीच और अधार्मिक लोगों में भी नहीं देखा जाता। ब्राह्मण के लिए अपना तथा अपने पुत्र का भी बलिदान करना उचित है।
Such a reprehensible act is not seen even among the lowly and irreligious people. It is appropriate that one should sacrifice oneself and even one's son for a Brahmin. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥