vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 16: कद्रू और विनताको कश्यपजीके वरदानसे अभीष्ट पुत्रोंकी प्राप्ति
»
श्लोक 21-22h
श्लोक
1.16.21-22h
प्रतिपालयितव्यस्ते जन्मकालोऽस्य धीरया॥ २१॥
विशिष्टं बलमीप्सन्त्या पञ्चवर्षशतात् पर:।
अनुवाद
‘अतः यदि आप इस बालक को बहुत बलवान बनाना चाहते हैं, तो धैर्य रखकर पाँच सौ वर्ष बाद इसके जन्म की प्रतीक्षा कीजिए।’ 21 1/2॥
'Therefore, if you want to make this child very strong, then you should be patient and wait for his birth after five hundred years.' 21 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×