Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.16.2: सौम्य! तुम बहुत मधुर कथा सुनाते हो। एक-एक शब्द, एक-एक शब्द कोमल है। पिताजी! यह सुनकर हमें बहुत प्रसन्नता हुई। तुम अपने पिता लोमहर्षण के समान ही उपदेश दे रहे हो॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 1.16: कद्रू और विनताको कश्यपजीके वरदानसे अभीष्ट पुत्रोंकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौम्य! तुम बहुत मधुर कथा सुनाते हो। एक-एक शब्द, एक-एक शब्द कोमल है। पिताजी! यह सुनकर हमें बहुत प्रसन्नता हुई। तुम अपने पिता लोमहर्षण के समान ही उपदेश दे रहे हो॥ 2॥
Saumya! You narrate a very sweet story. Every word and every word is soft. Father! We are very happy to hear this. You are preaching just like your father Lomaharshan.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥