Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.16.14-16h: दासियों ने प्रसन्न होकर उन दोनों के अण्डों को गर्म कुंडों में डाल दिया। वे अण्डे पाँच सौ वर्षों तक उन कुंडों में रहे। पाँच सौ वर्ष पूरे होने पर कद्रू के एक हजार पुत्र अण्डों को फोड़कर बाहर निकल आए; किन्तु विनता के दो बालक उसके अण्डों से निकलते हुए दिखाई नहीं दिए। | mahabharat अध्याय 1.16: कद्रू और विनताको कश्यपजीके वरदानसे अभीष्ट पुत्रोंकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दासियों ने प्रसन्न होकर उन दोनों के अण्डों को गर्म कुंडों में डाल दिया। वे अण्डे पाँच सौ वर्षों तक उन कुंडों में रहे। पाँच सौ वर्ष पूरे होने पर कद्रू के एक हजार पुत्र अण्डों को फोड़कर बाहर निकल आए; किन्तु विनता के दो बालक उसके अण्डों से निकलते हुए दिखाई नहीं दिए।
The maids were very happy and put the eggs of both of them in hot pots. Those eggs remained in those pots for five hundred years. After the completion of five hundred years, one thousand sons of Kadru came out by breaking the eggs; but two children of Vinata were not seen coming out of her eggs. 14-15 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥