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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 159: कुन्तीके पूछनेपर ब्राह्मणका उनसे अपने दु:खका कारण बताना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.159.10 
एतदर्हा वयं नूनं वसामो दुर्बलस्य ये।
विषये नित्यवास्तव्या: कुराजानमुपाश्रिता:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हम निश्चित रूप से इस तरह के दुख को भुगतने के लायक हैं क्योंकि हम इस कमजोर राजा के राज्य में रहते हैं, इस जगह के स्थायी निवासी बन गए हैं और इस दुष्ट राजा के संरक्षण में रहते हैं।
 
We certainly deserve to suffer such misery because we live in the kingdom of this weak king, have become permanent residents of this place and live under the protection of this evil king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)