Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.158.5: 'जो पुत्र अपने पिता को इस लोक में कठिन कष्टों से उबारता है अथवा मरणोपरांत परलोक में उनका उद्धार करता है - सब प्रकार से अपने पिता का उद्धार करता है - उसे विद्वान लोग सच्चा पुत्र कहते हैं ॥5॥ | mahabharat अध्याय 1.158: ब्राह्मण-कन्याके त्याग और विवेकपूर्ण वचन तथा कुन्तीका उन सबके पास जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इह वा तारयेद् दुर्गादुत वा प्रेत्य भारत।
सर्वथा तारयेत् पुत्र: पुत्र इत्युच्यते बुधै:॥ ५॥
अनुवाद
'जो पुत्र अपने पिता को इस लोक में कठिन कष्टों से उबारता है अथवा मरणोपरांत परलोक में उनका उद्धार करता है - सब प्रकार से अपने पिता का उद्धार करता है - उसे विद्वान लोग सच्चा पुत्र कहते हैं ॥5॥
'The son who helps his father overcome difficult difficulties in this world or uplifts him in the next world after his death - saves his father in every way - he is called a true son by the learned. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥